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रवायती उर्दू शायरी को चैलेंज करने वाले जॉन एलिया (Jaun Elia) साहब अमरोहा (Amroha) के जिस ख़ानदान में पैदा हुआ थे, वहां शायर, शायरी और इल्म के दरिया बहते थे. यह अपने आप में एक अनोखी मिसाल है कि उनके घर में पैदा होने वाला क़रीब हर शख़्स शायर था. शायरी और अदब का…

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राहत इंदौरी साहब ने जब मुशायरों की दुनिया में क़दम रखा, तो एक नई बयार बह गई. वो इसलिए क्योंकि राहत साहब अपने कलाम में आसान ज़बान के साथ सीधा-सपाट कथन पेश करते गए और वो सीधे सामईन के दिलों में उतरता गया. राहत इंदौरी के इस अंदाज़ ने उनकी कामयाबी में बड़ा रोल…

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Rahat Indori Ke Qissey: राहत इंदौरी ने पेंटिंग में कमाल करने के बाद अदबी महफ़िलों का रुख किया था. उनके क़लम से एक ग़ज़ल निकली और इसी के साथ उनकी क़िस्मत का फ़ैसला लिखा जा चुका था. इसके बाद राहत साहब का क़लम कभी रुका नहीं. हुआ यूं कि राहत साहब को एक मुशायरे…

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Sharm, vahshat, jhijhak, pareshani Naaz se kaam kyun nahin leti Aap, voh, ji, magar yeh sab kya hai Tum mera naam kyun nahin leti… Maine har baar tujhse milte waqt Tujhse milne ki aarzu ki hai Tere jaane ke baad bhi maine Teri khushboo se guftagu ki hai. شرم، وحشت، جھجک، پریشانی ناز سے…

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अलग-अलग तो हमारा कोई वजूद नहींनदी की ज़ात है पानी हमारी ज़ात नदीनदी हमारे लिए इश्क़ है मुकम्मल इश्क़मियां तुम्हारे लिए होगी वारदात नदी ‘नदी’ शब्द सुनते ही ज़िंदगी की याद ताज़ा हो जाती है. दिमाग़ में जमीन और आकाश के बीच बसी दुनिया की तस्वीर उभरती है. सदियों पुरानी परंपराएं, मान्यताएं और सभ्यताएं…